JMI UG Courses Entry And Exit Policy How Jamia UG Four Year Course Will Have Entry And Exit Policy

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Jamia 4 Year UG Course Entry and Exit Options: जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी ने साफ किया है कि यहां के चार साल के यूजी कोर्स में एंट्री और एग्जिट ऑप्शन किस प्रकार काम करेगा. वे स्टूडेंट्स जो यहां के चार साल के यूजी कोर्स में एडमिशन लेने की योजना बना रहे हैं, वे समझ सकते हैं कि यहां एंट्री कैसे होगी, उसके मार्क्स किस प्रकार मिलेंगे और किस साल में एंट्री और एग्जिट एलाऊ होगा. ये क्रेडिट बेस्ड लेटरल एंट्री सिस्टम कुछ इस प्रकार काम करेगा.

इस बात पर निर्भर करेगी सुविधा

टीओआई की रिपोर्ट के मुताबिक इस बारे में यूनिवर्सिटी का साफ कहना है कि लेट्रल एंट्रेट्स यानी ऐसे कैंडिडेट्स जो लेटरल एंट्री से एडमिशन ले रहे हैं, उन्हें प्रवेश तभी मिलेगा जब एकेडमिक और फिजिकल फैसिलिटी उपलब्ध होंगी. हर लेवल पर एंट्री इस बात पर डिपेंड करेगी की किस लेवल के लिए क्या क्रेडिट चाहिए है.

चौथे साल में होंगे दो ऑप्शन

चौथे साल में स्टूडेंट्स के पास दो ऑप्शन होंगे. एक तो चार साल की डिग्री विद ऑनर्स और दूसरा चार साल की डिग्री विद ऑनर्स और रिसर्च. चार साल की यूजी ऑनर्स डिग्री उन स्टूडेंट्स के लिए होगी जो पहले 6 सेमेस्टरों में 8.5 सीजीपीए सिक्योर करते हैं और यूजी लेवल पर रिसर्च करना चाहते हैं.

ये चौथे साल में रिसर्च स्ट्रीम चुन सकते हैं. वहीं चार साल की यूजी डिग्री जिसे ऑनर्स के साथ करना है के लिए कोई सीजीपीए आवश्यक नहीं है.

किस साल में कैसे होगा एडमिशन

पहले साल में प्रवेश के लिए केवल सीनियर सेकेंडरी सर्टिफिकेट की जरूरत पड़ेगी और एंट्रेंस पास करना होगा. सेकेंड ईयर में प्रवेश के लिए पहला साल पूरा होना चाहे और कम से कम 44 क्रेडिट होना चाहिए. बैचलर्स डिग्री प्रोग्राम में एकेडमिक रिकॉर्ड भी देखा जाएगा.

तीसरे साल में प्रवेश के लिए संबंधित कम से कम 84 क्रेडिट के साथ डिप्लोमा होना जरूरी है. चौथे साल के लिए 120 क्रेडिट और संबंधित फील्ड में बैचलर्स डिग्री चाहिए होगी. अगर कोई कैंडिडेट तीसरे साल में कोर्स छोड़ देता है और चौथे में प्रवेश चाहता है तो उसे बैचलर्स डिग्री विद रिसर्च के साथ कम से कम 7.5 सीजीपीए चाहिए होगा.

अगर कोई हो जाता है फेल

अगर कोई बीच में इंटर्नल असेस्टमेंट में फेल होता है और दोबारा चांस मिलने के बाद भी पास नहीं होता उसे सेमेस्टर एंड एग्जाम देने का मौका नहीं मिलेगा.  दूसरे से तीसरे सेमेस्टर में प्रमोशन के लिए स्टूडेंट को कम से कम कंपलसरी और ऑप्शनल सब्जेक्ट्स में 50 परसेंट अंक लाने होंगे. 

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